Monday, 30 October 2017

थिएटर ऑफ़ रेलेवंस बालनाट्य कार्यशाला ( पर्व 2 )

23 , 24 , 25 अक्टूबर 2017
दफ्तरी रोड , मलाड 
मुंबई . 

" अभिव्यक्ति " का क्या अर्थ है ? अभिव्यक्त क्यों होते हैं और हम अभिव्यक्त किसके साथ होते हैं ? " अभिव्यक्ति का अर्थ है अपने मन में आये विचार और भावनाओं को हमारे भरोसेमंद साथी या व्यक्ति के साथ बाँटना "... थिएटर ऑफ़ रेलेवंस बालनाट्य कार्यशाला ने अभिव्यक्त यह शब्द का अर्थ और उसकी गहराई को एक नयी कलात्मक ऊंचाई प्रधान की है ! 


कठिन शब्दों को , उनके अर्थ को , जीवन से जोड़ना और उनका आकलन करना कोई आम बात नहीं !! अपनी कलपना शक्ति , विचार , ज्ञान , अनुभवों को इकट्ठा करने के बाद छोटे छोटे स्वयं रचित नाटकों में उसे प्रस्तुत किया जिससे हर बार सहभागियों को विषय की स्पष्टता मिलती गयी और सृजक होने का हौंसला बढ़ा..



नाटक के मूल्य जीवन तत्व बन गए , रंगमंच पर सहभागियों के सतत अभ्यास से निर्मित ताल ने रंगमंच को भी अभिव्यक्त किया... मौज मस्ती , अपनी दुनिया , अपने सपने , अपना संवाद , अपनी प्रस्तुति से सभी सहभागी सृजनात्मक कलाकार हुए !! कठिन विषयों पर चिंतन करना और उसे अपनी नाट्य प्रस्तुति से आसान तरीके से प्रस्तुत करना और उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना यह कार्यशाला की विशेषता रही !!







थिएटर ऑफ़ रेलेवंस की प्रक्रिया जीवन की कोई भी चुनौती को वैचारिक दृष्टिकोण देकर नाट्य द्वारा उसे आसान करने का मार्गदर्शन करती है .. 

थिएटर ऑफ़ रेलेवंस अभ्यासक एवं रंगकर्मी 
कोमल खामकर

komalkhamkar08@gmail.com

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